अमित बी वाधवानी की 'बफरिंग मीडिया' में सोनू निगम और अरवोग वेंचर कैपिटल इंडिया ने किया इन्वेस्टमेंट

 इन पैसों से 75 पॉलिटिकल  लीडर्स को ऑन  बोर्ड किया जाएगा। टेक्नोलॉजी को बढ़ाया जाएगा और मुंबई और दिल्ली में रिसर्च टीम को और मजबूत किया जाएगा।
 
Amit B Wadhwani

निगम और अरवोग वेंचर कैपिटल ने पोलिटिकल टेक कंपनी 'बफरिंग मीडिया' जिसे अमित बी वाधवानी, मनोज मोटियानी और दर्शन खत्री ने 2019 में शुरू किया था ,उस कंपनी में 6 करोड़ रुपये  इन्वेस्ट किये है। अमित बी वाधवानी, बफरिंग मीडिया के फाउंडर ने कहा, "हम कन्फर्म करते है कि जून 2021 में हमें  सोनू निगम और अरवोग वेंचर्स इंडिया से पैसे मिले है। इन पैसों से 75 पॉलिटिकल  लीडर्स को ऑन  बोर्ड किया जाएगा। टेक्नोलॉजी को बढ़ाया जाएगा और मुंबई और दिल्ली में रिसर्च टीम को और मजबूत किया जाएगा।

बफरिंग अभी भारत के 56 मुख्य पोलिटिकल  फिगर्स को इनविटेशन देकर, उन्हें डिजिटल, डाटा, टेक्नोलॉजी और AI बेस्ड एम्पलीफिकेशन सर्विसेज दे रही है। इस समय बफरिंग का मूल्यांकन 55 मिलियन USD है। हम  2023 तक अपना मूल्यांकन 800 करोड़ करने की कोशिश करेंगे, जिसमे ज्यादातर पैसा इलेक्शन कैंपेन से आएगा। बफरिंग कंपनी का अगले  6 महीने में 150 करोड़ तक जमा करना का प्लान है। हम 2022 - इलेक्शन ईयर से पहले अपने नेटवर्क को पूरे देश में फैलाना चाहते है। अरवोग वेंचर्स इंडिया के इन्वेस्टर केतन कोठारी ने कहा, "पोलिटिकल सेफोलॉजी  वो भी डाटा और टेक्नोलॉजी के साथ एक अनएक्सप्लोर्ड  इंडस्ट्री है जिसमें  काफी बड़ा रेवेन्यू पोटेंशियल है एक लाभदायक बिज़नेस प्लान के साथ। बफरिंग के फाउंडर्स ने एक बहुत ही तारीफ़ेकाबिल मॉडल बनाया है जो भारत में इलेक्शन कैंपेन को बदलेगा।मुझे इनका इतने बड़े स्केल के साथ साथ प्रोफिटेबिलिटी पर ध्यान देना काफी अच्छा लगा है।  "

इसके साथ दर्शन खत्री, बफरिंग के को फाउंडर ने कहा, "आने वाले दिनों में भारत में बहुत बड़ी संख्या में इलेक्शन होने है लेकिन अभी भी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बहुत कम किया जाता है।बफरिंग  की टीम टियर 1 से लेकर टियर 6 तक और गांव में वोटिंग, कोंस्टीटूएंसी, डाटा और वोटिंग पैटर्न को समझना आसान बनाती  है।
मनोज मोटियानी , को फाउंडर और क्रिएटिव हेड ने कहा, "पॉलिटिक्स को लेकर एक बहुत परपस्फुल कम्युनिकेशन की जरुरत है। बफरिंग में हम पोलिटिकल कैंपेन को क्रिएटिविटी, डाटा और टेक्नोलॉजी को कंटेम्पररी तरीके से बनाने की सोच रखते है।उन्होंने आगे कहा "इस डिजिटल दौर में पब्लिक नॉलेज और बिलीफ को इतने बड़े पैमाने पर रीइन्फोर्स करना काफी इंटरेस्टिंग होता है। पॉलिटेनमेंट - पॉलिटिक्स में एंटरटेनमेंट, इमोशंस और कोलोकिअल रेफरेन्सेस  का इस्तेमाल करके पोलिटिकल कम्युनिकेशन को रेडिफाइन किया जाएगा जिसकी वजह से हमारे लीडर्स और पार्टीज पहले से ज्यादा अप्रोचबल , एडमायर्ड और रिलेटेबल  हो जायेंगे।"

Disclaimer: This post has been auto-published from an agency news helpline feed without any modifications to the text and has not been reviewed by an editor