बप्पा के आने से घर का पूरा माहौल ही बदल जाता है- सुधांशु पांडेय

सुधांशु ने कहा, "घर का माहौल बहुत अलग हो जाता है। एक अलग ही एनर्जी रहती है, और वह एनर्जी हमारे मन से आती है
 
बप्पा के आने से घर का पूरा माहौल ही बदल जाता है- सुधांशु पांडेय

टेलीविजन के पॉपुलर शो ‘अनुपमा’ में वनराज की भूमिका निभाने वाले सुधांशु पांडेय का कहना है कि बप्पा के आगमन से घर का माहौल ही एकदम अलग हो जाता है। 10 सितंबर को पूरे देश में गणेश चतुर्थी का त्यौहार मनाया गया, और इस खास दिन पर स्टारप्लस के शो अनुपमा के सेट पर भी काफी चहल-पहल देखने को मिली। शो के प्रोड्यूसर और पूरी एंड क्रू ने सेट पर बप्पा का भव्य स्वागत किया और बड़े ही हर्षोंउल्लास के साथ बप्पा की पूजा-अर्चना की। वहीं एक्टर सुधांशु पांडेय ने इस दौरान न्यूज़ हेल्पलाइन से बात करते हुए बताया कि वह करीब 20-22 सालों से बप्पा को अपने घर लाते हैं और बप्पा के घर में आगमन से घर का पूरा माहौल ही अलग हो जाता है।सुधांशु ने कहा, "घर का माहौल बहुत अलग हो जाता है। एक अलग ही एनर्जी रहती है, और वह एनर्जी हमारे मन से आती है या बप्पा के आने से आती है वो मुझे नहीं पता। लेकिन उस एनर्जी की वजह से डेढ़ दिन आप सब भूल जाते हैं। सबके मन में एक उल्लास रहता है। ऐसी फीलिंग जब बप्पा घर आते हैं और डेढ़ दिन हमारे साथ रहते हैं सिर्फ तभी आती हैं।"

Must Read ये रिश्ता क्या कहलाता है के सेट पर पूरी टीम ने बहुत धूमधाम से किया बप्पा का आगमन

"घर पर बहुत से लोग आतें है, फैमिली आती है। लेकिन आज के समय में कोविद प्रोटोकॉल की वजह से हम गेस्ट को नहीं बुला रहें हैं। लेकिन इस सेलिब्रेशन में फैमिली साथ रहती है, हम साथ में पूजा-अर्चना करते हैं भोग लगाते हैं और साथ खाते है तो यह फीलिंग ही अलग होती है। घर का माहौल बहुत ही पॉजिटिव रहता है।"गणपति बप्पा के आगमन के बारे में बात करते हुए सुधांशु ने कहा, "आज सुबह मैंने पहले अपने घर पर बप्पा का स्वागत किया, उनकी पूजा पाठ की। फिर मैं सेट पर आया और काम शुरू किया और अब यहाँ पर भी बप्पा का स्वागत कर रहा हूँ। जब भी बप्पा आते हैं तो ये जो एक पीरियड होता है जब आपको दुनिया के हर दुख दर्द से मुक्ति मिल जाती है। दिल में बहुत ही खुशी रहती है कि बप्पा आ गएं है। ऐसा महसूस होता है कि बप्पा सचमुच आ गएं है। मुझे ऐसा लगता है कि बप्पा की मुझपर बहुत ही बड़ी कृपा है।"

Disclaimer: This post has been auto-published from an agency news helpline feed without any modifications to the text and has not been reviewed by an editor