‘वर्ल्ड रेफ्युजी डे' पर यूनिसेफ इंडिया के साथ जुड़कर प्रियंका चोपड़ा ने रेफ्युजीस के हक की बात कही

किसी भी देश में हो रहे हमले और कानून के तहत उस देश के कुछ वर्ग को अपना घर छोड़ दूसरे देश में स्थानांतरित हो जाना एक मजबूरी बन जाती है। लोगों को अपने ही देश से दूसरे देश में शरणार्थी के तौर पर रहना पड़ता हैं
 
‘वर्ल्ड रेफ्युजी डे' पर यूनिसेफ इंडिया के साथ जुड़कर प्रियंका चोपड़ा ने रेफ्युजीस के हक की बात कही

किसी भी देश में हो रहे हमले और कानून के तहत उस देश के कुछ वर्ग को अपना घर छोड़ दूसरे देश में स्थानांतरित हो जाना एक मजबूरी बन जाती है। लोगों को अपने ही देश से दूसरे देश में शरणार्थी के तौर पर रहना पड़ता हैं। उनकी जिंदगी को बेहतरीन बनाने के लिए कई देशों और देश के एनजीओ अलग-अलग कदम उठाते दिखे हैं। ऐसे में आज 'वर्ल्ड रेफ्यूजी डे' के दिन लोगों को दोबारा से शरणार्थियों की तकलीफों को याद दिलाते हुए उनकी मदद की बात की जा रही है।यूनिसेफ इंडिया की स्थापना ही बच्चों और जरूरतमंदों की मदद करने के लिए की गई थी, विश्व युद्ध 2 के बाद से यूनिसेफ ने लोगों की परिस्थितियों की सुधारने की कोशिश की थी और अब भी यूनिसेफ इन सभी कार्यों के तहत आगे आता है। यूनिसेफ इंडिया द्वारा भारत के कई सेलिब्रिटी एडवोकेट चुने गए हैं जिसमें बॉलीवुड सेलिब्रिटीज भी इसका हिस्सा बने हैं। ऐसे में एक्ट्रेंस प्रियंका चोपड़ा भी यूनिसेफ इंडिया की सेलिब्रेटी एडवोकेट बनती दिखी है।

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वहीं आज ' वर्ल्ड रेफ्युजी डे' के दिन प्रियंका चोपड़ा ने अब तक के अपने रेफ्युजी कैंपस के विजिट को याद किया साथ ही इन शरणार्थियों की मदद के लिए अपील की मांग की। प्रियंका ने सोशल मीडिया पर शरणार्थियों की परिस्थितियों और उनकी मदद के लिए खुद उठाए कई कदमों को सोशल मीडिया पर शेयर किया। वहीं कोरोनावायरस के समय में शरणार्थियों की जिंदगी में इसका असर किस तरह से हुआ बताती दिखी।प्रियंका ने यूनिसेफ इंडिया को टैग करते हुए लिखा,' आज हम उन सभी लोगों की हिम्मत और ताकत की दाद देते हैं जिन्हें जंग जैसी हालातों के कारण अपना देश छोड़ दूसरे देश में स्थानांतरित होना पड़ा। हम सभी महामारी से जुझ रहें हैं पर अब भी पूरे देश मे शरणार्थियों के मामले सामने आते दिख रहें हैं। बच्चों पर इसक असर अधिक देखने मिला हैं, हमें अब भी उम्मीद हैं कि इनकी जिंदगी को हम बेहतरीन बनाएंगे। इन शरणार्थियों से मिलकर उनकी जिंदगी को जानकर मुझे उनकी परिस्थिति का अंदाजा हुआ। शरणार्थियों को भी अच्छी हेल्थकेयर, एड्युकेशन और उनके भविष्य को बेहतर बनाने का हक है।'इस तरह से प्रियंका शरणार्थियों के हक की बात करती दिखी |

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