कहतें हैं प्यार अगर इंसान की शक्ल लेता तो उसका चेहरा अमृता प्रीतम जैसा होता

अमृता प्रीतम साहित्य का एक ऐसा नाम है, जिन्होंने साहित्य को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया। 
 
कहतें हैं प्यार अगर इंसान की शक्ल लेता तो उसका चेहरा अमृता प्रीतम जैसा होता

उन्हीं के 102वें जन्मदिन के शुभ अवसर पर 'द मॉडर्न पोएट्स' की  मण्डली ने एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसे 'एक है अमृता' का नाम दिया गया। इसके माध्यम से अमृता प्रीतम और उनके साहत्यिक के प्रति अतुलनीय योगदान को उजागर करने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम में अंशुल जोशी ( संस्थापक द मॉडर्न पोएट्स ) सूत्रधार की भूमिका में योगदान देते नज़र आए।

उन्हीं के 102वें जन्मदिन के शुभ अवसर पर 'द मॉडर्न पोएट्स' की  मण्डली ने एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसे 'एक है अमृता' का नाम दिया गया। इसके माध्यम से अमृता प्रीतम और उनके साहत्यिक के प्रति अतुलनीय योगदान को उजागर करने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम में अंशुल जोशी ( संस्थापक द मॉडर्न पोएट्स ) सूत्रधार की भूमिका में योगदान देते नज़र आए। दिल्ली की नज़्मकार और गीत लेखक पल्लवी महाजन ने अमृता का क़िरदार निभाया और अपने अभिनय के माध्यम से अमृता के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर रौशनी डाली। थिएटर से ताल्लुक़ रखने वाले अनस ख़ान ने साहिर का क़िरदार निभाते हुए अमृता व अमृता की बेटी के बीच हुई एक बातचीत को जीवंत पलों में परिवर्तित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसमें जाने-माने संगीतकार राजीव साहिर के बैंड 'अनहद' ने संगीत का तड़का लगाया । कायर्क्रम में थिएटर आर्टिस्ट नायाब व कहानीकार कुशाग्र ने अमृता-इमरोज़ के ख़तों का मंचन किया। कहानीकार हेरोक व नन्हीं अक्शा अमृता के पिता व अमृता के बचपन का क़िरदार निभाते नज़र आए। अग्रिमा ग्रोवर ने अमृता के नज़्मों पर कत्थक का अभिनय करके कार्यक्रम को एक नए आयाम तक पहुँचाया।   इस कार्यक्रम को लिखा व निर्देशित किया था द मॉडर्न पोएट्स के संस्थापक मोहित द्विवेदी ने। वे ख़ुद को अमृता का मोहित भी कहतें हैं। साथ ही उन्होंने अमृता को एक ख़त भी समर्पित किया । कार्यक्रम

दिल्ली की नज़्मकार और गीत लेखक पल्लवी महाजन ने अमृता का क़िरदार निभाया और अपने अभिनय के माध्यम से अमृता के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर रौशनी डाली। थिएटर से ताल्लुक़ रखने वाले अनस ख़ान ने साहिर का क़िरदार निभाते हुए अमृता व अमृता की बेटी के बीच हुई एक बातचीत को जीवंत पलों में परिवर्तित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसमें जाने-माने संगीतकार राजीव साहिर के बैंड 'अनहद' ने संगीत का तड़का लगाया ।

उन्हीं के 102वें जन्मदिन के शुभ अवसर पर 'द मॉडर्न पोएट्स' की  मण्डली ने एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसे 'एक है अमृता' का नाम दिया गया। इसके माध्यम से अमृता प्रीतम और उनके साहत्यिक के प्रति अतुलनीय योगदान को उजागर करने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम में अंशुल जोशी ( संस्थापक द मॉडर्न पोएट्स ) सूत्रधार की भूमिका में योगदान देते नज़र आए। दिल्ली की नज़्मकार और गीत लेखक पल्लवी महाजन ने अमृता का क़िरदार निभाया और अपने अभिनय के माध्यम से अमृता के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर रौशनी डाली। थिएटर से ताल्लुक़ रखने वाले अनस ख़ान ने साहिर का क़िरदार निभाते हुए अमृता व अमृता की बेटी के बीच हुई एक बातचीत को जीवंत पलों में परिवर्तित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसमें जाने-माने संगीतकार राजीव साहिर के बैंड 'अनहद' ने संगीत का तड़का लगाया । कायर्क्रम में थिएटर आर्टिस्ट नायाब व कहानीकार कुशाग्र ने अमृता-इमरोज़ के ख़तों का मंचन किया। कहानीकार हेरोक व नन्हीं अक्शा अमृता के पिता व अमृता के बचपन का क़िरदार निभाते नज़र आए। अग्रिमा ग्रोवर ने अमृता के नज़्मों पर कत्थक का अभिनय करके कार्यक्रम को एक नए आयाम तक पहुँचाया।   इस कार्यक्रम को लिखा व निर्देशित किया था द मॉडर्न पोएट्स के संस्थापक मोहित द्विवेदी ने। वे ख़ुद को अमृता का मोहित भी कहतें हैं। साथ ही उन्होंने अमृता को एक ख़त भी समर्पित किया । कार्यक्रम

कायर्क्रम में थिएटर आर्टिस्ट नायाब व कहानीकार कुशाग्र ने अमृता-इमरोज़ के ख़तों का मंचन किया। कहानीकार हेरोक व नन्हीं अक्शा अमृता के पिता व अमृता के बचपन का क़िरदार निभाते नज़र आए। अग्रिमा ग्रोवर ने अमृता के नज़्मों पर कत्थक का अभिनय करके कार्यक्रम को एक नए आयाम तक पहुँचाया। 

उन्हीं के 102वें जन्मदिन के शुभ अवसर पर 'द मॉडर्न पोएट्स' की  मण्डली ने एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसे 'एक है अमृता' का नाम दिया गया। इसके माध्यम से अमृता प्रीतम और उनके साहत्यिक के प्रति अतुलनीय योगदान को उजागर करने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम में अंशुल जोशी ( संस्थापक द मॉडर्न पोएट्स ) सूत्रधार की भूमिका में योगदान देते नज़र आए। दिल्ली की नज़्मकार और गीत लेखक पल्लवी महाजन ने अमृता का क़िरदार निभाया और अपने अभिनय के माध्यम से अमृता के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर रौशनी डाली। थिएटर से ताल्लुक़ रखने वाले अनस ख़ान ने साहिर का क़िरदार निभाते हुए अमृता व अमृता की बेटी के बीच हुई एक बातचीत को जीवंत पलों में परिवर्तित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसमें जाने-माने संगीतकार राजीव साहिर के बैंड 'अनहद' ने संगीत का तड़का लगाया । कायर्क्रम में थिएटर आर्टिस्ट नायाब व कहानीकार कुशाग्र ने अमृता-इमरोज़ के ख़तों का मंचन किया। कहानीकार हेरोक व नन्हीं अक्शा अमृता के पिता व अमृता के बचपन का क़िरदार निभाते नज़र आए। अग्रिमा ग्रोवर ने अमृता के नज़्मों पर कत्थक का अभिनय करके कार्यक्रम को एक नए आयाम तक पहुँचाया।   इस कार्यक्रम को लिखा व निर्देशित किया था द मॉडर्न पोएट्स के संस्थापक मोहित द्विवेदी ने। वे ख़ुद को अमृता का मोहित भी कहतें हैं। साथ ही उन्होंने अमृता को एक ख़त भी समर्पित किया । कार्यक्रम

इस कार्यक्रम को लिखा व निर्देशित किया था द मॉडर्न पोएट्स के संस्थापक मोहित द्विवेदी ने। वे ख़ुद को अमृता का मोहित भी कहतें हैं। साथ ही उन्होंने अमृता को एक ख़त भी समर्पित किया । कार्यक्रम "एक है अमृता " 28 अगस्त को हौज़ ख़ास में स्थित चैट गली स्टूडियो में सम्पन्न हुआ। 

उन्हीं के 102वें जन्मदिन के शुभ अवसर पर 'द मॉडर्न पोएट्स' की  मण्डली ने एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसे 'एक है अमृता' का नाम दिया गया। इसके माध्यम से अमृता प्रीतम और उनके साहत्यिक के प्रति अतुलनीय योगदान को उजागर करने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम में अंशुल जोशी ( संस्थापक द मॉडर्न पोएट्स ) सूत्रधार की भूमिका में योगदान देते नज़र आए। दिल्ली की नज़्मकार और गीत लेखक पल्लवी महाजन ने अमृता का क़िरदार निभाया और अपने अभिनय के माध्यम से अमृता के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर रौशनी डाली। थिएटर से ताल्लुक़ रखने वाले अनस ख़ान ने साहिर का क़िरदार निभाते हुए अमृता व अमृता की बेटी के बीच हुई एक बातचीत को जीवंत पलों में परिवर्तित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसमें जाने-माने संगीतकार राजीव साहिर के बैंड 'अनहद' ने संगीत का तड़का लगाया । कायर्क्रम में थिएटर आर्टिस्ट नायाब व कहानीकार कुशाग्र ने अमृता-इमरोज़ के ख़तों का मंचन किया। कहानीकार हेरोक व नन्हीं अक्शा अमृता के पिता व अमृता के बचपन का क़िरदार निभाते नज़र आए। अग्रिमा ग्रोवर ने अमृता के नज़्मों पर कत्थक का अभिनय करके कार्यक्रम को एक नए आयाम तक पहुँचाया।   इस कार्यक्रम को लिखा व निर्देशित किया था द मॉडर्न पोएट्स के संस्थापक मोहित द्विवेदी ने। वे ख़ुद को अमृता का मोहित भी कहतें हैं। साथ ही उन्होंने अमृता को एक ख़त भी समर्पित किया । कार्यक्रम

साहित्य हमारे जीवन के हर पहलू में रचा-बसा है। अपने अज़दादों को सराहना और इस धरोहर को सहीह सलामत आगे पहुँचाना हमारा कर्तव्य है। 'द मॉडर्न पोयट्स' की यह पहल इसी प्रयास का एक छोटा सा अंश है। इस कार्यक्रम को श्रोताओं ने असीम प्यार देकर कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। इस कार्यक्रम के प्रति लोगों का उत्साह देखकर 'द मॉडर्न पोयट्स' ने इसे और इसी तरह के और भी कार्यक्रम मंच तक लाने का वादा करके लोगों से विदा ली।