हसीन दिलरुबा रिव्यू - रहस्य और रोमांच से भरपूर फिल्म, लेकिन स्क्रीन-प्ले में एक गड़बड़ हैं

आज के डिजिटल समय में यूं तो रोज ही कोई न कोई मूवी और वेब सीरीज रिलीज हो जा रही है
 
हसीन दिलरुबा रिव्यू - रहस्य और रोमांच से भरपूर फिल्म, लेकिन स्क्रीन-प्ले में एक गड़बड़ हैं

आज के डिजिटल समय में यूं तो रोज ही कोई न कोई मूवी और वेब सीरीज रिलीज हो जा रही है, मगर उनमें से कुछे एक ही ऐसी बन पाती हैं जो आपके दिलों-दिमाग को झकझोड़ कर रख देती है। विगत दिनों डिजिटल प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर एक ऐसे ही फिल्म रिलीज हुई है, जिसका नाम है हसीन दिलरुबा। अगर आप एक बार इस मूवी को देखने बैठ गए तो अंत से पहले नहीं उठ पाएंगे और उठेंगे भी तो कहेंगे- ‘उफ्फ़ काश इसे थिएटर में देख पाते।’हसीन दिलरुबा की कहानी एक छोटे शहर ज्वालापुर के एक घर से शुरू होती है जहां पर फिल्म के पहले ही दृश्य में एक बम ब्लास्ट होता है। फिर कहानी फ्लैश्बैक में चली जाती हैं जहां एक सीधा शरीफ सरकारी बिजली विभाग में काम करने वाला इंजिनीयर ऋषभ सक्सेना उर्फ रिशु (विक्रांत मैसी) हैं, जिनको किसी भी लड़की से पहली नजर में ही प्यार हो जाता है। रिशु एक बार रिजेक्ट होने के 2 साल बाद फिर से लड़की देखने जा रहा है और जैसा होता है उसे पहली ही नजर में रानी कश्यप (तापसी पन्नू) से प्यार हो जाता है। प्यार भी ऐसा कि शादी से पहले ही लड़की के नाम का टैटू अपने कलाईं पर गुदवा लेते हैं। बता दें ये कलाईं आपको फिल्म में कई बार दिखाई देगी।

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रिशु की माँ को लड़की (रानी) के ज्यादा फॉरवर्ड होने के चलते, पसंद नहीं है, मगर रिशु की जिद के आगे उनकी एक न चलती है और शादी हो जाती है, और जैसा विपरीत स्वभाव वाले जोड़ों के साथ होता है यहां भी वही हुआ; अनबन। महीनों के तकरार के बाद भी प्यार नहीं हो पाता है। फिर एंट्री होती है रानी के पसंद के टाइप के एक लड़के नील (हर्षवर्धन राणे) की, जोकि रिशु का मौसेरा भाई यानि रानी के दूर का देवर भी है। रिशु से नापसंदगी के कारण रानी, नील के प्यार में पड़ जाती है। फिर आगे क्या होता है वह देखने के लिए फिल्म देखना होगा।हसीन दिलरुबा फिल्म का पहला भाग ज्यादातर हंसाता-गुदगुदाता है। मध्य भाग में प्यार, धोखा और फिर प्यार से भरा है और अंत बहुत सारे सरप्राइजेस से भरपूर हैं। क्लाइमेक्स के कुछ दृश्य आपको डरा भी सकते हैं, इसलिए उसके लिए भी तैयार रहें। हां, अगर आपने मूवी को बहुत ध्यान से देखा तो मूवी का एक झोल आपको अखरेगा कि पुलिस ने नील को क्यों नहीं बुलाया। अंत में आप थोड़ी खुशी, थोड़े गम के साथ स्क्रीन को छोड़ेंगे। हो सकता है कुछ उलझनों को सुलझाने के लिए आप फिर से पूरी मूवी को देखना चाहें।कुल मिलाकर हसीन दिलरुबा एक अच्छी बनी हुई फिल्म है, जिसे देखने के बाद आप एक अलग दुनिया में पहुंच जाएंगे। लॉकडाउन के कारण खुले-खुले लोकेशन में अच्छी शूटिंग हुई है। फिल्म की कहानी,स्क्रीनप्ले और संवाद कणिका ढिल्लन ने लिखा है और फिल्म का निर्देशन विनिल मैथ्यू ने किया है। फिल्म के सभी अदाकारों-तापसी पन्नू, विक्रांत मैसी, हर्षवर्धन राणे, आदित्य श्रीवास्तव, दया शंकर पांडे आदि ने अपने किरदारों को बहुत अच्छे से निभाया है। रानी के सास का किरदार निभाने वाली यामिनी दास की अदाकारी भी आपको बहुत गुदगुदाएगी।
 

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