दीपिका पादुकोण ने क्लब हाउस पर लॉन्च किया 'केयर पैकेज'; दुनिया का पहला ऑडियो फेस्टिवल!

अपनी तरह का यह पहला फेस्टिवल 20 जुलाई, 2021 को शाम 7 बजे से रात 8:30 बजे तक लोकप्रिय सोशल नेटवर्किंग ऐप, क्लब हाउस पर होगा। 
 
दीपिका पादुकोण ने क्लब हाउस पर लॉन्च किया 'केयर पैकेज'; दुनिया का पहला ऑडियो फेस्टिवल!
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित कलाकार, फैशन और युवा आइकन और भारत से मेन्टल हेल्थ एडवोकेट, दीपिका पादुकोण ने अपने सोशल मीडिया पेज पर 'केयर पैकेज' लॉन्च किया है। अपनी तरह का यह पहला फेस्टिवल 20 जुलाई, 2021 को शाम 7 बजे से रात 8:30 बजे तक लोकप्रिय सोशल नेटवर्किंग ऐप, क्लब हाउस पर होगा।  'केयर पैकेज' दुनिया भर के लीडर्स से दीपिका पादुकोण द्वारा सावधानीपूर्वक क्यूरेट की गई बातचीत और प्रदर्शन से भरा एक बॉक्स होगा जो 'केयर' को प्राथमिकता देगा। 

मीनिंगफुल बातचीत के साथ, 'केयर पैकेज' एक लाइन अप का दावा करता है जिसमें जय शेट्टी, राधि देवलुकिया, जोवानी वेरेलन (संस्थापक, द आर्टिडोट), आरती राममूर्ति (इंटरनेशनल, क्लब हाउस के प्रमुख), श्रीराम कृष्णन, पॉल डेविसन, राघव केके जैसे संवादी शामिल हैं। साथ ही, प्रतीक कुहाड़ की दिल छू लेने वाली परफॉर्मेंस देखने मिलेगी। 

यह फेस्टिवल 3 थीम्स के इर्द-गिर्द घूमेगा, जिन पर स्पीकर्स दर्शकों के साथ चर्चा करेंगे। यह तीन थीम्स प्रमुख रूप से हैं - "माई रिलेशनशिप विद सेल्फ-केयर", जिसमें स्पीकर्स में दीपिका पादुकोण, आरती राममूर्ति, राघव केके और श्रीराम कृष्णन होंगे, जोवा फेरेरा द्वारा "ब्रीद, बाय द आर्टिडोट" और अंतिम, "लव एंड  केयर - हाउ इज़ इट डिफरेंट" पर दीपिका पादुकोण, जय शेट्टी, राधी देवलुकिया आरती राममूर्ति और श्रीराम कृष्णन बात करेंगे। 

दीपिका ने पहल के बारे में अपने सोशल मीडिया पर घोषणा की है और साझा करते हुए लिखा,"I’m super excited to launch ‘Care Package’ - An Audio-First Festival that Cares! 

This package, curated by me, is a box full of conversations and performances from thought leaders around the world that prioritise ’Care’. 

Join me Today, 20th July, from 7PM-8.30PM IST on Clubhouse! 

पिछले कुछ वर्षों से, दीपिका पादुकोण ने मेन्टल हेल्थ, सेल्फ़-केअर, ओवरऑल वेलबीइंग के महत्व से जुड़ी बातचीत का नेतृत्व किया है, कम बोले जाने वाले विषयों पर दर्शकों के साथ सफलतापूर्वक जुड़ने में सक्षम रही हैं और भारत में मेन्टल इलनेस से जुड़े स्टिग्मा को तोड़ने में मदद की है।